UP Vishwakarma Shram Samman Yojana 2026: यूपी विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 – पात्रता, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, ट्रेनिंग, टूलकिट और लोन की पूरी जानकारी
प्रिय पाठकों UP Yojana Portal पर आप सभी का स्वागत है। पाठकों आज हम जिस योजना पर चर्चा करने जा रहे हैं उस योजना का नाम है (यूपी विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0)। उत्तर प्रदेश सरकार यह योजना उन लोगों के लिए लेकर आई है जो हाथों के हुनर के काम से जुड़े हुए हैं। उनको अनेकों काम तो आतें हैं लेकिन पैसों की तंगी के चलते वह कारोबार नहीं कर पाते हैं।
अगर आप उत्तर प्रदेश में रहते हैं और कोई पारंपरिक काम करते हैं या किसी ऐसे हुनर से जुड़े हैं जिससे आप अपना छोटा कारोबार शुरू करना चाहते हैं, तो विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 आपके लिए काम की योजना हो सकती है।
प्रिय पाठकों उत्तर प्रदेश सरकार ने विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना को नए रूप में आगे बढ़ाते हुए इसमें कई नए ट्रेड जोड़े हैं। अब योजना सिर्फ पुराने पारंपरिक कारीगरों तक सीमित नहीं है, बल्कि मोबाइल रिपेयर, कंप्यूटर रिपेयर, इलेक्ट्रिकल सामान की मरम्मत, सोलर इंस्टॉलेशन और डिजिटल फोटोग्राफी जैसे आधुनिक कामों को भी इसमें शामिल किया गया है।
17 सितंबर 2026 को विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार ने योजना 2.0 के तहत मार्जिन मनी ऋण पोर्टल और विश्वकर्मा स्वरोजगार एवं स्वदेशी मेला-2026 का शुभारंभ भी किया।
इस गाइड में हम आसान भाषा में समझेंगे कि विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 क्या है, इसमें कौन आवेदन कर सकता है, कितने ट्रेड शामिल हैं, ट्रेनिंग और टूलकिट कैसे मिलेगी, लोन की व्यवस्था क्या है और ऑनलाइन आवेदन कैसे किया जा सकता है।
विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 क्या है?
विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना उत्तर प्रदेश सरकार की ऐसी पहल है जिसका उद्देश्य कारीगरों और हुनरमंद लोगों को उनके काम को बेहतर बनाने के लिए प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण और स्वरोजगार के लिए वित्तीय सहायता से जोड़ना है।
पहले योजना मुख्य रूप से पारंपरिक कारीगरों और दस्तकारों के आसपास केंद्रित थी। अब योजना 2.0 में पारंपरिक कामों के साथ बाजार की वर्तमान जरूरत को देखते हुए कई आधुनिक ट्रेड भी शामिल किए गए हैं।
सरल शब्दों में कहें तो योजना का उद्देश्य सिर्फ किसी व्यक्ति को ट्रेनिंग देना नहीं है। कोशिश यह है कि उसके पास हुनर हो, आधुनिक औजार हों और अपना काम शुरू या बढ़ाने के लिए वित्तीय सहायता तक पहुंच हो।
योजना 2.0 में क्या नया हुआ है?
सबसे बड़ा बदलाव नए ट्रेडों का जुड़ना है। पहले योजना में 11 प्रमुख ट्रेड शामिल थे। अब 14 नए ट्रेड जोड़े गए हैं और कुल ट्रेडों की संख्या 25 हो गई है।
योजना 2.0 के तहत चयनित लाभार्थियों को 10 दिन का निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण अवधि में कुल ₹5,000 मानदेय यानी ₹500 प्रतिदिन के हिसाब से देने की व्यवस्था बताई गई है। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद ₹15,000 तक की आधुनिक टूलकिट उपलब्ध कराने की भी व्यवस्था है।
योजना का सबसे महत्वपूर्ण नया हिस्सा स्वरोजगार के लिए बैंक ऋण और मार्जिन मनी से जुड़ी व्यवस्था है। सरकार के अनुसार कारीगरों को बिना गारंटी और ब्याज के ऋण उपलब्ध कराने की दिशा में व्यवस्था की गई है, जिसमें 15 प्रतिशत तक मार्जिन मनी सब्सिडी का प्रावधान बताया गया है।
यहां एक जरूरी बात समझना बहुत जरूरी है। योजना में "₹10 लाख तक का लोन" लिखा होने का मतलब यह नहीं है कि आवेदन करते ही हर व्यक्ति को ₹10 लाख मिल जाएंगे। ऋण की वास्तविक राशि बैंक, परियोजना, पात्रता और संबंधित नियमों के आधार पर तय होगी।
विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 में कौन-कौन से ट्रेड शामिल हैं?
योजना 2.0 में कुल 25 ट्रेड शामिल बताए गए हैं। इनमें पुराने पारंपरिक व्यवसायों के साथ 14 नए पारंपरिक और आधुनिक ट्रेड शामिल किए गए हैं।
पहले से शामिल प्रमुख 11 ट्रेड
1. बढ़ई2. दर्जी
3. कुम्हार
4. लोहार
5. नाई
6. राजमिस्त्री
7. सुनार
8. टोकरी बनाने वाला
9. हलवाई
10. मोची
11. धोबी
योजना 2.0 में जोड़े गए 14 नए ट्रेड
1. मूर्तिकार
2. मालाकार
3. दूधवाला
4. भड़भूजा
5. मछुआरा
6. मोबाइल फोन मरम्मत
7. ऑटोमोबाइल मरम्मत
8. इलेक्ट्रॉनिक सामान की मरम्मत
9. विद्युत सामान की मरम्मत
10. प्लंबर
11. कंप्यूटर मरम्मत
12. सोलर इंस्टॉलेशन
13. डिजिटल फोटोग्राफी
14. सौंदर्य एवं वेलनेस
इन नए ट्रेडों को जोड़ने के पीछे सोच यह है कि आज के समय में जिन कामों की मांग बढ़ रही है, उनसे जुड़े हुनरमंद युवाओं को भी प्रशिक्षण और स्वरोजगार के अवसर मिल सकें।
विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 के मुख्य लाभ
इस योजना को समझने का सबसे आसान तरीका इसके लाभों को एक-एक करके समझना है।
10 दिन का निःशुल्क प्रशिक्षण
चयनित लाभार्थियों को संबंधित ट्रेड में 10 दिन का कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसका उद्देश्य सिर्फ किताबी जानकारी देना नहीं, बल्कि संबंधित काम को बेहतर और आधुनिक तरीके से करने के लिए कौशल बढ़ाना है।
प्रशिक्षण के दौरान ₹5,000 मानदेय
योजना 2.0 के तहत प्रशिक्षण अवधि में कुल ₹5,000 मानदेय देने की जानकारी दी गई है। यह ₹500 प्रतिदिन के हिसाब से 10 दिनों के प्रशिक्षण के लिए है।
₹15,000 तक की आधुनिक टूलकिट
प्रशिक्षण पूरा करने के बाद पात्र लाभार्थियों को संबंधित काम के लिए आधुनिक टूलकिट देने की व्यवस्था है। इसकी अधिकतम कीमत ₹15,000 तक बताई गई है। इससे कारीगरों को अपने काम में बेहतर उपकरण इस्तेमाल करने में मदद मिल सकती है।
₹10 लाख तक ऋण की सुविधा
योजना 2.0 में स्वरोजगार शुरू करने या कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए अधिकतम ₹10 लाख तक के बैंक ऋण की व्यवस्था की गई है। लेकिन यहां यह समझना जरूरी है कि ₹10 लाख अधिकतम सीमा है, कोई निश्चित या मुफ्त राशि नहीं।
ऋण बैंक द्वारा स्वीकृत किया जाएगा और आवेदक की परियोजना, बैंक की प्रक्रिया और पात्रता के अनुसार वास्तविक ऋण राशि तय होगी।
बिना गारंटी ऋण की व्यवस्था
सरकार ने योजना 2.0 के तहत कारीगरों को ऋण के लिए गारंटी के बोझ से राहत देने की दिशा में व्यवस्था की है। इसका उद्देश्य यह है कि केवल इसलिए कोई हुनरमंद व्यक्ति अपना कारोबार शुरू करने से पीछे न हटे क्योंकि उसके पास बैंक को देने के लिए बड़ी संपत्ति या गारंटी नहीं है।
15 प्रतिशत तक मार्जिन मनी सब्सिडी
योजना 2.0 में 15 प्रतिशत तक मार्जिन मनी सब्सिडी की व्यवस्था बताई गई है। यह लाभ ऋण और परियोजना की स्वीकृत संरचना के अनुसार लागू होगा। इसलिए इसे सीधे खाते में मिलने वाली 15 प्रतिशत नकद राशि समझना सही नहीं होगा।
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महिलाओं और कुछ विशेष श्रेणियों के लिए स्वयं का अंशदान
योजना से संबंधित उपलब्ध जानकारी के अनुसार परियोजना लागत में सामान्य श्रेणी के पुरुष लाभार्थियों के लिए 10 प्रतिशत स्वयं का अंशदान और महिलाओं, दिव्यांगजनों, भूतपूर्व सैनिकों तथा अन्य आरक्षित वर्ग के लाभार्थियों के लिए 5 प्रतिशत स्वयं का अंशदान बताया गया है। अंतिम स्वीकृति से पहले संबंधित विभाग और बैंक से लागू नियम जरूर जांच लें।
PM विश्वकर्मा और UP विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना में क्या अंतर है?
यह सबसे जरूरी सवालों में से एक है क्योंकि दोनों योजनाओं के नाम एक जैसे होने के कारण बहुत से लोग भ्रमित हो जाते हैं।
PM विश्वकर्मा केंद्र सरकार की योजना है और पूरे भारत में लागू होती है। इसमें 18 पारंपरिक ट्रेड शामिल हैं। इसके तहत PM Vishwakarma Certificate और ID Card, बेसिक एवं एडवांस ट्रेनिंग, ₹15,000 तक टूलकिट इंसेंटिव और दो चरणों में कुल ₹3 लाख तक का collateral-free enterprise loan 5 प्रतिशत की रियायती ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जाता है।
वहीं विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना उत्तर प्रदेश सरकार की राज्य स्तरीय योजना है। योजना 2.0 में उत्तर प्रदेश के लिए कुल 25 ट्रेड शामिल किए गए हैं, जिनमें कई आधुनिक ट्रेड भी हैं। इसमें 10 दिन की ट्रेनिंग, ₹5,000 मानदेय, ₹15,000 तक की टूलकिट और ₹10 लाख तक के ऋण से जुड़ी व्यवस्था की जानकारी दी गई है।
इसलिए दोनों योजनाओं को एक ही योजना समझना सही नहीं है।
एक ही व्यक्ति दोनों योजनाओं के लिए पात्र हो सकता है या नहीं, यह उसके ट्रेड और संबंधित योजना के नियमों पर निर्भर करेगा। आवेदन करने से पहले दोनों योजनाओं की पात्रता और लाभों को अलग-अलग जांचना बेहतर है।
विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 के लिए पात्रता
योजना 2.0 में आवेदन करने से पहले अपनी पात्रता जरूर जांच लें। सामान्य तौर पर आवेदक का उत्तर प्रदेश से संबंधित होना और योजना में शामिल किसी पात्र ट्रेड से जुड़ा होना जरूरी है।
आवेदक को जिस ट्रेड के लिए आवेदन करना है, उसके संबंध में विभाग द्वारा सत्यापन या जांच की प्रक्रिया हो सकती है। इसलिए केवल फॉर्म भर देना ही योजना का लाभ मिलने की गारंटी नहीं है।
आयु सीमा और अन्य पात्रता से जुड़ी शर्तें आवेदन के समय पोर्टल पर दिखाई जा रही नवीनतम जानकारी के अनुसार जांचना जरूरी है, क्योंकि योजना 2.0 में पुराने नियमों की तुलना में बदलाव किए गए हैं।
किसी व्यक्ति के पास पहले से दुकान या काम होने पर भी पात्रता अपने आप खत्म हो जाती है, ऐसा मान लेना सही नहीं होगा। असली फैसला संबंधित योजना के नियम और विभागीय सत्यापन के आधार पर होगा।
जरूरी दस्तावेज
ऑनलाइन आवेदन से पहले कुछ सामान्य दस्तावेज तैयार रखना अच्छा रहेगा।
👉 आधार कार्ड
👉 मोबाइल नंबर
👉 बैंक पासबुक या बैंक खाते की जानकारी
👉 पासपोर्ट साइज फोटो
👉 पता या निवास से संबंधित दस्तावेज
👉 संबंधित ट्रेड या काम से जुड़े प्रमाण-पत्र, यदि मांगा जाए
👉 जाति प्रमाण-पत्र, यदि संबंधित श्रेणी के लिए आवश्यक हो
👉 अन्य दस्तावेज जो ऑनलाइन आवेदन के दौरान पोर्टल पर मांगे जाएं
ध्यान रखें कि दस्तावेजों की अंतिम सूची आवेदन के समय पोर्टल पर दिखाई जाने वाली आवश्यकताओं के अनुसार ही मानें। अलग-अलग ट्रेड या सत्यापन प्रक्रिया में अतिरिक्त दस्तावेज मांगे जा सकते हैं।
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ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के लिए आवेदन उत्तर प्रदेश के MSME/उद्योग विभाग के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से किया जाता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार आवेदन प्रक्रिया में नवीन उपयोगकर्ता पंजीकरण और उसके बाद आवेदक लॉगिन के माध्यम से आवेदन पूरा करने की व्यवस्था है।
स्टेप 1: आधिकारिक पोर्टल खोलें
सबसे पहले उत्तर प्रदेश के उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय के संबंधित ऑनलाइन पोर्टल को खोलें।
स्टेप 2: नवीन उपयोगकर्ता पंजीकरण चुनें
पोर्टल पर विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना से संबंधित विकल्प खोजें और नवीन उपयोगकर्ता पंजीकरण या New User Registration पर जाएं।
स्टेप 3: अपनी जानकारी भरें
अब नाम, पिता का नाम, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर, जिला और संबंधित ट्रेड जैसी मांगी गई जानकारी सावधानी से भरें।
नाम और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी वही भरें जो आपके आधिकारिक दस्तावेजों में दर्ज है।
स्टेप 4: पंजीकरण पूरा करें
मांगी गई जानकारी भरने के बाद पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करें। पोर्टल की प्रक्रिया के अनुसार आपको लॉगिन से संबंधित जानकारी मिल सकती है।
स्टेप 5: आवेदक लॉगिन करें
पंजीकरण के बाद Applicant Login या आवेदक लॉगिन विकल्प के माध्यम से अपने खाते में प्रवेश करें।
स्टेप 6: आवेदन फॉर्म पूरा करें
अब आवेदन फॉर्म में मांगी गई बाकी जानकारी भरें और अपने संबंधित ट्रेड का सही चुनाव करें।
स्टेप 7: दस्तावेज अपलोड करें
पोर्टल पर मांगे गए दस्तावेजों की साफ और पढ़ने योग्य स्कैन कॉपी या फोटो अपलोड करें।
स्टेप 8: फॉर्म को दोबारा जांचें
फाइनल सबमिट करने से पहले नाम, आधार से जुड़ी जानकारी, बैंक डिटेल, मोबाइल नंबर, पता और ट्रेड की जानकारी जरूर जांच लें।
गलत जानकारी भरने पर आवेदन की जांच के समय परेशानी हो सकती है।
स्टेप 9: आवेदन फाइनल सबमिट करें
सारी जानकारी सही होने के बाद आवेदन को Final Submit करें और आवेदन संख्या या पंजीकरण संबंधी जानकारी सुरक्षित रख लें।
इसके बाद आवेदन की जांच, दस्तावेज सत्यापन और जरूरत पड़ने पर साक्षात्कार या अन्य विभागीय प्रक्रिया हो सकती है। कुछ जिलों में 2026-27 के आवेदकों के दस्तावेज सत्यापन और साक्षात्कार की प्रक्रिया भी आयोजित की जा रही है।
आवेदन करने के बाद क्या होगा?
ऑनलाइन आवेदन करने के बाद प्रक्रिया वहीं खत्म नहीं होती।
पहले आवेदन की जांच और दस्तावेजों की स्क्रूटनी हो सकती है। इसके बाद पात्र पाए गए आवेदकों को संबंधित प्रक्रिया के अनुसार प्रशिक्षण के लिए चुना जा सकता है।
प्रशिक्षण पूरा करने के बाद टूलकिट का लाभ दिया जा सकता है। यदि लाभार्थी स्वरोजगार के लिए ऋण चाहता है तो ऋण से जुड़ी प्रक्रिया बैंक और संबंधित विभाग के माध्यम से आगे बढ़ सकती है।
इसलिए आवेदन करने के बाद मोबाइल नंबर और पोर्टल पर आवेदन की स्थिति पर नजर रखना जरूरी है।
क्या ₹10 लाख सभी को मिलेंगे?
नहीं। यह बात बहुत साफ समझ लेना चाहिए।
₹10 लाख योजना के तहत अधिकतम ऋण सीमा के रूप में बताई जा रही है। इसका मतलब यह नहीं है कि हर आवेदक के खाते में सीधे ₹10 लाख भेज दिए जाएंगे।
ऋण बैंक द्वारा परियोजना, कारोबार की जरूरत, पात्रता और लागू नियमों के अनुसार स्वीकृत किया जाएगा।
क्या यह ₹10 लाख की मुफ्त सरकारी सहायता है?
नहीं।
यह ऋण सुविधा है, मुफ्त पैसा नहीं। ऋण मिलने पर उसे संबंधित बैंक की शर्तों के अनुसार वापस करना होता है।
सरकार की ओर से मार्जिन मनी सब्सिडी और ब्याज से संबंधित राहत की व्यवस्था योजना के नियमों के अनुसार लागू हो सकती है।
योजना में आवेदन करने के लिए किसी एजेंट को पैसे देना जरूरी नहीं है
सरकारी योजना के नाम पर कई बार लोग फर्जी वेबसाइट, फर्जी कॉल या एजेंट के माध्यम से पैसे मांगते हैं।
अगर कोई व्यक्ति यह कहकर पैसे मांगता है कि वह बिना आवेदन किए योजना का लाभ दिला देगा या ₹10 लाख का लोन पक्का करवा देगा, तो सावधान रहें।
आवेदन हमेशा संबंधित सरकारी पोर्टल और आधिकारिक प्रक्रिया के माध्यम से ही करें।
आधिकारिक पोर्टल कहां मिलेगा?
विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना से संबंधित ऑनलाइन आवेदन के लिए उत्तर प्रदेश के उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय के पोर्टल का इस्तेमाल किया जाता है।
आवेदन से पहले वेबसाइट के डोमेन को ध्यान से जांचें और किसी अनजान वेबसाइट पर आधार, बैंक या OTP जैसी संवेदनशील जानकारी साझा न करें।
आधिकारिक जानकारी के लिए उत्तर प्रदेश MSME विभाग की वेबसाइट और सरकारी सूचना विभाग की घोषणाओं को प्राथमिकता दें।
🔗 Vishwakarma Shram Samman Yojana के ऑनलाइन आवेदन के लिए आधिकारिक पोर्टल:
कृपया ध्यान दें: प्रिय पाठकों कभी - कभी भारी ट्रैफिक के चलते वेबसाइट ओपीन नहीं होती है, तो ऐसे में परेशान होने की जरूरत नहीं है। वेबसाइट के मुख्य पेज पर एक रिफ्रेश करें या कुछ देर बाद फिर से कोशिश करें। वेबसाइट ओपीन हो जाएगी।
इस योजना का मकसद क्या है?
प्रिय पाठकों इस योजना का मुख्य मकसद उत्तर प्रदेश के पारंपरिक और आधुनिक कारीगरों का आर्थिक उत्थान करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
सरकार इस योजना के जरिए निम्नलिखित लक्ष्यों को पूरा करना चाहती है:
👉 रोजगार और स्वरोजगार को बढ़ावा: शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के स्थानीय कारीगरों (जैसे बढ़ई, दर्जी, प्लंबर, मोबाइल रिपेयर) को खुद का व्यवसाय शुरू करने या उसे बढ़ाने के लिए प्रेरित करना है।
👉 कौशल और आधुनिकता का विकास: कारीगरों को आधुनिक तकनीकों और उपकरणों का मुफ्त प्रशक्षिण (Training) देकर उनके काम की गुणवत्ता को सुधारना।
👉 वित्तीय आत्मनिर्भरता: प्रशक्षिण के बाद मुफ्त टूलकिट और 10 लाख तक के सस्ते लोन (सब्सिडी के साथ) प्रदान करके उन्हें साहूकारों के कर्ज के जाल से बचाना।
👉 पारंपरिक कलाओं का संरक्षण: पीढ़ी-दर-पीढ़ी चली आ रही पारंपरिक शिल्पकलाओं और व्यवसायों को जीवित रखना और नई पीढ़ी को इससे जोड़ना।
👉 पलायन रोकना: स्थानीय स्तर पर ही आजीविका के पर्याप्त साधन उपलब्ध कराकर युवाओं को रोजगार की तलाश में बड़े शहरों या दूसरे राज्यों में जाने से रोकना।
डिस्क्लेमर
प्रिय पाठकों यह लेख केवल जानकारी देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 में पात्रता, ट्रेड, दस्तावेज, ऋण, सब्सिडी, प्रशिक्षण और आवेदन प्रक्रिया से जुड़े नियम समय-समय पर विभाग द्वारा अपडेट किए जा सकते हैं।
इसलिए आवेदन करने से पहले उत्तर प्रदेश सरकार के संबंधित आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध नवीनतम जानकारी जरूर जांचें।
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विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 FAQ
प्रश्न 1: विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 क्या है?
उत्तर: यह उत्तर प्रदेश सरकार की योजना है जिसका उद्देश्य कारीगरों और हुनरमंद लोगों को प्रशिक्षण, आधुनिक टूलकिट और स्वरोजगार के लिए वित्तीय सहायता से जोड़ना है।
प्रश्न 2: योजना 2.0 में कुल कितने ट्रेड हैं?
उत्तर: योजना 2.0 में 14 नए ट्रेड जुड़ने के बाद कुल 25 ट्रेड शामिल किए गए हैं।
प्रश्न 3: क्या मोबाइल रिपेयर का काम भी योजना में शामिल है?
उत्तर: हां। मोबाइल फोन मरम्मत को योजना 2.0 में जोड़े गए नए ट्रेडों में शामिल किया गया है।
प्रश्न 4: क्या कंप्यूटर रिपेयर का ट्रेड भी शामिल है?
उत्तर: हां। कंप्यूटर मरम्मत को भी नए ट्रेडों में शामिल किया गया है।
प्रश्न 5: ट्रेनिंग कितने दिन की होगी?
उत्तर: योजना 2.0 के तहत 10 दिन का निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
प्रश्न 6: ट्रेनिंग के दौरान कितना मानदेय मिलेगा?
उत्तर: उपलब्ध योजना 2.0 की जानकारी के अनुसार 10 दिन के प्रशिक्षण के दौरान कुल ₹5,000 मानदेय यानी ₹500 प्रतिदिन की व्यवस्था है।
प्रश्न 7: टूलकिट कितने रुपये की मिलेगी?
उत्तर: प्रशिक्षण पूरा करने वाले पात्र लाभार्थियों को ₹15,000 तक की आधुनिक टूलकिट देने की व्यवस्था बताई गई है।
प्रश्न 8: क्या योजना में ₹10 लाख तक का लोन मिलता है?
उत्तर: योजना 2.0 में स्वरोजगार के लिए ₹10 लाख तक के बैंक ऋण की व्यवस्था की गई है। लेकिन हर आवेदक को ₹10 लाख मिलना जरूरी नहीं है। वास्तविक ऋण राशि बैंक और संबंधित नियमों के अनुसार तय होगी।
प्रश्न 9: क्या ₹10 लाख का लोन बिना गारंटी मिलेगा?
उत्तर: योजना 2.0 में बिना गारंटी ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। फिर भी ऋण की अंतिम स्वीकृति बैंक और लागू नियमों के अनुसार होगी।
प्रश्न 10: क्या PM विश्वकर्मा और UP विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना एक ही हैं?
उत्तर: नहीं। PM विश्वकर्मा केंद्र सरकार की योजना है, जबकि विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना उत्तर प्रदेश सरकार की राज्य योजना है। दोनों के ट्रेड, लाभ और ऋण व्यवस्था अलग हैं।
प्रश्न 11: क्या योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है?
उत्तर: हां। योजना के लिए उत्तर प्रदेश के संबंधित MSME/उद्योग विभाग के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन प्रक्रिया उपलब्ध है।
प्रश्न 12: आवेदन करने के बाद क्या तुरंत टूलकिट या लोन मिल जाता है?
उत्तर: नहीं। आवेदन के बाद दस्तावेजों की जांच, पात्रता सत्यापन, प्रशिक्षण और अन्य विभागीय या बैंकिंग प्रक्रिया पूरी हो सकती है। इसलिए आवेदन करना लाभ मिलने की गारंटी नहीं है।
अंतिम बात
विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 का सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब योजना को केवल पारंपरिक कारीगरी तक सीमित नहीं रखा गया है। मोबाइल रिपेयर से लेकर कंप्यूटर रिपेयर और सोलर इंस्टॉलेशन जैसे आधुनिक कामों को भी इसमें जगह दी गई है।
अगर किसी व्यक्ति के पास हुनर है और वह अपने काम को छोटे स्तर से शुरू करके आगे बढ़ाना चाहता है, तो उसके लिए प्रशिक्षण, टूलकिट और ऋण से जुड़ी यह व्यवस्था उपयोगी हो सकती है।
लेकिन किसी भी योजना में आवेदन करने से पहले सबसे जरूरी बात है कि लाभ की राशि, पात्रता और आवेदन प्रक्रिया को आधिकारिक स्रोत से जरूर जांचें। खासकर ₹10 लाख के लोन को मुफ्त सरकारी पैसा समझकर किसी एजेंट के चक्कर में न पड़ें।
सही जानकारी लेकर आवेदन करें और किसी भी भुगतान या दस्तावेज साझा करने से पहले वेबसाइट की आधिकारिकता जरूर जांच लें।
